शावन में चाहते है सारे दुखों से छुटकारा तो करो ये अचूक उपाय

0
301

http://tyeshiea.com/english-mock-paper-2013/ english mock paper 2013 क्या आपको मालुम है की सावन का महीना बहुत ही पवित्र और मनमोहक माना जाता है . श्रावण मास ऐशा मास हैं जिसमें भगवान महादेव को सच्चे मन से शिवलिंग पर जल चढ़ाकर उन्हें खुश किया जा सकता है. आषाढ़ पूर्णिमा यानि गुरु पूर्णिमा के पश्चात श्रावण माह की शुरुआत होती है. 2017 में यानिकी इस बार सावन का महीना 20 जुलाई से शुरू हो रहा है. जोकि इस पवित्र माह का समापन रक्षाबंधन के दिन होगा शास्त्रों के अनुसार सावन माह देवों के देव महादेव भगवान शिव का माह है. और कहा जाता है की इस महीने में भगवान शिव की जो भक्त उनको सच्चे मन से उनकी भक्ति करता है.उसकी सारी मनोकामनाएं स्वयं भगवान शिव पूरी करते है . श्रावण मास को हिन्दी पंचांग के सभी बारह महीनों में इसको विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि ये शिवजी की भक्ति और उनका आशीर्वाद पाने का पवित्र महीना है. धर्म ग्रंथों की माने तो ये महीना भगवान शिव को अति प्रिय है. इस महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई उपाय करते हैं. भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अनेक मंत्र, स्तुति व स्रोतों की रचना की गई है. श्रवण मास में महादेव की स्तुति दिन में दो बार की जाती है. सूर्योदय पर ,फिर सूर्यास्त के बाद पूजा के दौरान 16 सोमवार की व्रत कथा और सावन व्रत कथा सुनाई जाती है. पूजा का समापन प्रसाद वितरण से किया जाता है. शिव मन्त्र का जाप अत्यंत उपयोगी माना गया है अन्यथा आप साधारण एवं सर्वप्रिय पंचाक्षरी मन्त्र “ॐ नम: शिवाय ” और गणेश मन्त्र “ॐ गं गणपतये नम:” का जाप करते हुए सामग्री चढ़ा सकते है. इस महीने में शिव उपासना से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है.भक्तो के जाप व गान से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं। सावन में रोज इन स्तुति व स्रोतों का पाठ करने से सभी समस्याओं का अंत भी हो जाता है। श्रावण मास में शिव जी को भांग, बेल पत्र और दूध चढ़ाने से मनवांक्षित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही गरीबों को दान देने से पुण्य फल मिलता है. श्रावण मास में शिव-पार्वती का पूजन बहुत फलदायी होता है। इसलिए हिंदू धर्म शास्त्रों में सावन मास का बहुत महत्व है। पौराणिक मान्यता के अनुसार सावन महीने को देवों के देव महादेव भगवान शंकर का महीना माना जाता है। सावन महीने में सोमवार के दिन श्रद्धालु शिवालयों में जाकर भोलेनाथ की विशेष पूजा अर्चना करते हैं। सावन मास के सोमवार को भगवान शिव के अभिषेक का विशेष महत्व होता है। सोमवार के दिन शिव की आराधना को सर्वसुलभ माना गया है। पहले सोमवार से लेकर प्रत्येक सोमवार को शिवपुराण के ये छोटे-छोटे उपाय कर सकते हैं। आपकी हर इच्छा पूरी जीवन के संहारक भगवान शिव पूरी करेंगे। सोमवार को बाबा भोलेनाथ का दुग्धाभिषेक व उस दिन व्रत रखने तथा श्रद्धा भाव से पूजन अर्चन करने वाले आस्थावानों की मनोकामनाएं भगवान शिव पूरी करते हैं ऐसा शास्त्रों में भी उल्लेखित है.

get सोमवार के व्रत का विधान अत्यंत सरल है। स्नान करके श्वेत या हरा वस्त्र धारण करें, दिन भर मन प्रसन्न रखें, क्रोध, ईष्र्या, चुगली न करें। स्वयं को शिवमय (कल्याणकारी) मानें। दिन भर शिव के पंचाक्षरी मंत्र नमः शिवाय का मन ही मन जप करते रहें। सायंकाल को प्रदोष बेला कहते हैं। इस समय यदि भगवान शिव का सामीप्य मिले, समस्त दोष दूर हो जाते है अतः सायंकाल शिव मंदिर में या अपने घर में ही मिट्टी से शिवलिंग और पार्वती तथा श्री गणेश की मूर्ति बनाकर सोलह प्रकार से पूजन करें, इनमें सोलह दूवी, सोलह सफेद फूल, सोलह मालाओं से शिवपूजन समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाला होता है .श्रावण मास में वारों का महत्व श्रावण मास के प्रथम सोमवार से शुरू कर निरंतर किया जाने वाला व्रत सभी मनोकामनाएं पूरी करता है। सोमवार का व्रत रोटक, मंगलवार का मंगलागौरी, बुधवार का बुधव्रत, बृहस्पति का बृहस्पति व्रत, शुक्रवार का जीवंतिका व्रत, शनिवार का हनुमान तथा नृसिंह व्रत और रविवार का सूर्य व्रत कहलाता है। श्रावण मास में तिथियों का महत्व श्रावण मास में बहुत से महत्वपूर्ण व्रत किए जाते हैं. शुक्ल द्वितीय को किया जाने वाला व्रत औदुंबर व्रत, तृतीया को गौरीव्रत, चतुर्थी को दूर्वा गणपति व्रत (इसे विनायक चतुर्थी भी कहते हैं), पंचमी को नाग पंचमी व्रत (सौराष्ट्र में नागपंचमी श्रावण कृष्ण पक्ष में संपादित होती है), षष्ठी को सूपौदन व्रत, सप्तमी को शीतलादेवी व्रत, अष्टमी और चैदस को देवी का व्रत, नौवीं को नक्तव्रत, दशमी को आशा व्रत और द्वादशी को किया जाने वाला व्रत श्रीधर व्रत कहलाता है.
 

 

                                                                                                                 रिपोर्टर: महेश गुप्ता 

LEAVE A REPLY

see

go site

http://apnee.ffessm.fr/?professional-writing-tone

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)